खालिदा जिया के निधन शेख हसीना ने खालिदा जिया के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। दशकों की ‘दो बेगमों की जंग’ अब समाप्त। बांग्लादेश की पहली महिला PM को लोकतंत्र में योगदान के लिए याद किया। परिवार को संवेदना।
खालिदा जिया के निधन दोनों नेताओं की लंबी दुश्मनी
शेख हसीना की तीन दशकों से अधिक चली दुश्मनी बांग्लादेश राजनीति का अभिन्न हिस्सा रही।
दोनों ने बारी-बारी देश का नेतृत्व किया, ‘दो बेगमों की जंग’ ने 54 वर्षों में 30+ साल प्रधानमंत्री पद पर कब्जा जमाया।
दुखद समाप्ति का ऐलान

बांग्लादेश की राजनीति के दो प्रमुख स्तंभों के बीच दशकों चली तीखी प्रतिद्वंद्विता अब एक दुखांत पर पहुंच गई। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर निर्वासित शेख हसीना ने आवामी लीग के एक्स अकाउंट पर भावुक संदेश जारी किया।
शेख हसीना का भावुक संदेश
हसीना ने इसे “बांग्लादेश की राजनीति के लिए गहरा नुकसान” करार दिया। खालिदा जिया को देश की राजनीतिक इतिहास की अहम हस्ती बताया। बीएनपी की नेतृत्व क्षमता पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
पहली महिला PM को सलाम
शेख हसीना ने खालिदा जिया को बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में याद किया। लोकतंत्र स्थापित करने के संघर्ष में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बताई। राष्ट्र के प्रति योगदान हमेशा याद रहेगा।
परिवार के लिए संवेदना
जिया के बेटे तारिक रहमान सहित पूरे परिवार को धैर्य की कामना। हसीना ने अल्लाह से मुश्किल वक्त में ताकत और सुकून देने की दुआ की। आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
तीन दशकों की दुश्मनी
खालिदा जिया (बीएनपी) और शेख हसीना (आवामी लीग)
ने बारी-बारी देश शासित किया। दोनों मिलकर 54 वर्षों में
30+ साल प्रधानमंत्री रहीं। बांग्लादेश में इन्हें ‘
दो बेगमों की जंग’
विदेशी मीडिया ने उनकी राइवलरी को ‘Battle of Two Begums’ नाम दिया।
आवामी लीग vs बीएनपी की यह लड़ाई देश की राजनीति की पहचान बनी।
अब यह ऐतिहासिक जंग हमेशा के लिए खत्म।
जॉय का शोक संदेश
हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने फेसबुक पर दुख जताया।
जिया के राजनीतिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में भूमिका की सराहना।
इसे देश को स्थिर करने में बड़ा झटका बताया।











