300 रुपये लेकर घर छोड़ा, संघर्ष किया और KGF से 50 करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया। साउथ से बॉलीवुड तक का प्रेरक सफर।
300 रुपये में घर छोड़ा थिएटर स्टेज से चाय सर्व करने तक का संघर्ष
यश ने मात्र 300 रुपये लेकर कर्नाटक के हासन गांव से घर छोड़ा। Benaka थिएटर ग्रुप में बैकस्टेज काम करते हुए चाय सर्व कर दिन के 50 रुपये कमाए। यश का सफर बेहद प्रेरणादायक है, जो गरीबी और संघर्ष से निकलकर सुपरस्टार बनने की मिसाल है। मात्र 16 साल की उम्र में कर्नाटक के हासन गांव से 300 रुपये जेब में भरकर घर छोड़ दिया। पिता अरनुश योदा, जो बस ड्राइवर थे, ने सख्त मना किया था लेकिन यश का एक्टिंग का जुनून उन्हें रोक न सका। बेंगलुरु पहुंचे यश ने Benaka थिएटर ग्रुप जॉइन किया। यहां वे बैकस्टेज वर्कर बने – लाइट सेट करना, प्रॉप्स तैयार करना, यहां तक कि दर्शकों को चाय सर्व करना। दिन भर की मेहनत के बदले मात्र 50 रुपये मिलते। रातें फुटपाथ पर गुजारते, कभी-कभी भूखे सोते। लेकिन हार न मानी।
गरीबी से विदाई

यश ने कर्नाटक के छोटे से गांव हासन से 300 रुपये लेकर बेंगलुरु का रुख किया। बस ड्राइवर पिता की चेतावनी के बावजूद एक्टिंग का सपना पूरा करने को तैयार।
थिएटर से शुरुआत
Benaka थिएटर ग्रुप में बैकस्टेज वर्कर बने, दिन के 50 रुपये कमाए। चाय सर्व करने से लेकर प्रोडक्शन हेल्प तक हर काम किया।
टीवी और छोटी फिल्में
2000 के दशक में टीवी सीरियल्स से डेब्यू। किराने की दुकान से बैकस्टेज तक का सफर तय किया।
KGF का धमाका
KGF चैप्टर 1 (2018) ने पैन-इंडिया स्टार बनाया। चैप्टर 2 ने 1200 करोड़ कमाए, रॉकी भाई बन गया आइकन।
आर्थिक उड़ान
एक फिल्म के 200 करोड़ चार्ज करने वाले यश ने कुल 50
करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया। Toxic और Ramayana जैसी बड़ी फिल्में साइन।
साउथ का गौरव
कन्नड़ सिनेमा को पहली 1000 करोड़ फिल्म दी।
क्षेत्रीय से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा।
प्रेरणा स्रोत
यश का सफर मेहनत और जुनून की मिसाल।
KGF 3 की घोषणा से फैंस उत्साहित।











