योगी कैबिनेट की मंजूरी योगी कैबिनेट ने 6 नॉर्थ-साउथ हाईवे कॉरिडोर को मंजूरी दी, जो उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में तेज और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करेगा। यह मेगा प्रोजेक्ट आर्थिक विकास को गति देगा।
योगी कैबिनेट की मंजूरी की ऐतिहासिक मंजूरी
# कैबिनेट ने हाल ही में 6 नॉर्थ-साउथ हाईवे कॉरिडोर को ऐतिहासिक मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में तेज, सुरक्षित सफर सुनिश्चित कर आर्थिक विकास को नई गति देगा।
योगी कैबिनेट की मंजूरी से UP में नया युग

योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने 6 नॉर्थ-साउथ हाईवे कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी, जो उत्तर प्रदेश के 24 जिलों को जोड़ेगा। यह प्रोजेक्ट राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और दिल्ली से दक्षिणी राज्यों तक सफर को आधा कर देगा। निवेशकों के लिए यह सुनहरा मौका है, क्योंकि इससे जमीन के दामों में उछाल आएगा।
6 कॉरिडोर जो बदल देंगे UP का परिवहन
ये 6 कॉरिडोर लखीमपुर खीरी से चित्रकूट, श्रावस्ती से प्रयागराज तक फैले होंगे, कुल लंबाई 1989 किमी। NHAI और PWD मिलकर इन्हें बनाएंगे, जिसमें ग्रीनफील्ड सड़कें शामिल हैं। इससे ट्रैफिक क्षमता दोगुनी हो जाएगी।
24 जिलों को फायदा, तेज सफर की शुरुआत
सहारनपुर, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर समेत 24 जिलों से गुजरेंगे ये कॉरिडोर, 37 तहसीलों को जोड़ते हुए। यात्रा समय कम होने से व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट।
आर्थिक विकास का नया इंजन
कुल लागत 18,000 करोड़ रुपये, जो 1,250 किमी
NHAI और 739 किमी PWD के अधीन होगा। नए
रोजगार सृजित होंगे और औद्योगिक हब विकसित होंगे।
UP अब देश का इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनेगा।
निर्माण कैसे होगा, समयसीमा क्या?
कैबिनेट ने BOT और HAM मोड पर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
मार्च 2026 से निर्माण गति पकड़ेगा, 6-लेन एक्सप्रेसवे पूर्ण
रूप से एक्सेस कंट्रोल्ड होंगे। सुरक्षा और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर फोकस।
अन्य राज्यों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी
मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र तक सीधा लिंक मिलेगा,
जिससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटेगी। योगी सरकार का विजन
UP को ट्रांजिट हब बनाने का है। इससे निर्यात बढ़ेगा।
भविष्य की UP, इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति
यह प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे के बाद UP का सबसे बड़ा कदम है।
CM योगी का दावा है कि UP का इंफ्रास्ट्रक्चर देश में नंबर वन होगा।
निवेशक और पर्यटक अब UP की ओर रुख करेंगे।











