मार्क कार्नी के बयान के बयान से नाराज होकर कनाडा को बोर्ड ऑफ पीस से हटा दिया। पूर्व राष्ट्रपति का कड़ा फैसला, कनाडाई पीएम का आमंत्रण रद्द। वैश्विक शांति मंच पर विवाद।
मार्क कार्नी के बयान ट्रंप का विवादित फैसला
#मार्क कार्नी के बयान से भड़के ट्रंप ने कनाडा को बोर्ड ऑफ पीस से बाहर कर दिया। यह विवादित फैसला वैश्विक कूटनीति में नया तनाव पैदा कर रहा है।
ट्रंप-कार्नी विवाद की शुरुआत

ट्रंप ने मार्क कार्नी के बयान को व्यक्तिगत हमला माना और कनाडा को बोर्ड ऑफ पीस से बाहर कर दिया। यह घटना 2026 की कूटनीतिक दुनिया में सनसनी फैला रही है। पूर्व राष्ट्रपति की तीखी प्रतिक्रिया ने सभी को चौंका दिया।
कार्नी के बयान का पूरा खुलासा
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने ट्रंप की शांति नीतियों पर कटाक्ष किया, जिसे ट्रंप ने बर्दाश्त नहीं किया। आमंत्रण वापस लेना ट्रंप की शैली का प्रतीक है। दुनिया इस विवाद पर नजरें गड़ाए है।
बोर्ड ऑफ पीस पर ट्रंप का कंट्रोल
ट्रंप ने बोर्ड को अपनी मर्जी से चलाने का संदेश दिया, कनाडा को हटाकर। यह फैसला अन्य देशों के लिए चेतावनी है। वैश्विक सहयोग पर सवाल उठे।
कनाडा की प्रतिक्रिया
कनाडा सरकार ने ट्रंप के फैसले पर निराशा जताई, लेकिन
कोई कड़ा जवाब नहीं दिया। कार्नी ने स्थिति शांत रखने की कोशिश की। संबंधों में तनाव बढ़ा।
ट्रंप की विदेश नीति का नया अध्याय
यह घटना ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को मजबूत करती है।
बोर्ड ऑफ पीस अब अमेरिका-केंद्रित बनेगा।
वैश्विक प्रभाव
विवाद से शांति प्रयासों पर असर पड़ेगा, बोर्ड की
प्रभावशीलता कमजोर। अन्य नेता ट्रंप से
दूरी बनाने लगे। भविष्य अनिश्चित।
आगे क्या?
ट्रंप का अगला कदम सभी की नजरों में, कनाडा
के साथ संबंध सुधार की उम्मीद कम।
यह विवाद लंबा चलेगा।











