US एक्शन के बाद वेनेजुएला में US के हमले और मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत चिंतित। विदेश मंत्री जयशंकर ने लक्जमबर्ग से संवाद की अपील की। जानें पूरा बयान और द्विपक्षीय बैठक की डिटेल्स।
US एक्शन के बाद वेनेजुएला संकट मादुरो की गिरफ्तारी और US एक्शन
नए साल के पहले दिन अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और पत्नी को गिरफ्तार किया।
इस संकट ने दुनिया को हिला दिया, भारत समेत कई देश चिंतित।
जयशंकर की चिंता और भारत का संदेश

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और कल्याण चाहता है, जो लंबे समय से हमारा मित्र देश रहा है। उन्होंने सभी दलों से शांतिपूर्ण संवाद के जरिए स्थिति सुलझाने की मांग की। यह बयान लक्जमबर्ग में दिए गए एक कार्यक्रम के दौरान आया।
अमेरिकी हवाई हमलों का पृष्ठभूमि
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने कराकास में हमला कर वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार किया। उन्हें न्यूयॉर्क जेल भेज दिया गया, जहां नार्को-टेररिज्म के आरोप हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे सफल अभियान बताया।
भारत सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि वेनेजुएला की बदलती स्थिति पर नजर रखी जा रही है। भारत ने शांति और स्थिरता के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाने का आह्वान किया। कराकास में भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों की मदद के लिए तैयार है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं और भारत का संतुलित रुख
चीन और रूस ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की, जबकि यूरोपीय देश सतर्क हैं। पूर्व राजदूत वाई.के. सिन्हा ने भारत के बयान को संतुलित बताया, जो यूएस संबंधों को ध्यान में रखता है। जयशंकर ने वेनेजुएला के लोगों की भलाई पर जोर दिया।
जयशंकर का लक्जमबर्ग बयान विस्तार से
लक्जमबर्ग में जयशंकर ने कहा, “हम चिंतित हैं, सभी पक्षों को वेनेजुएलाई
लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैठना चाहिए।”
भारत ने हमेशा वेनेजुएला के साथ अच्छे संबंध रखे हैं।
यह बयान संकट के ठीक बाद आया।
भारतीय दूतावास की भूमिका
भारतीय दूतावास वेनेजुएला में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़ा
हुआ है। संकट में सभी जरूरी सहायता दी जाएगी।
सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही।
भविष्य की संभावनाएं
जयशंकर ने सैन्य कार्रवाई के बजाय संवाद पर जोर दिया।
भारत क्षेत्रीय स्थिरता चाहता है। यदि बातचीत सफल हुई
तो वेनेजुएला फिर पटरी पर आ सकता है।











