Yoga Mat खरीदने से पहले जानिए 7 जरूरी बातें, जो आपकी एक्सरसाइज को सुरक्षित और आरामदायक बना सकती हैं। गलत मैट चुनने से चोट और फिसलन का खतरा बढ़ सकता है।
Yoga Mat कैसे चुनें? मोटाई, मटेरियल और ग्रिप से जुड़ी पूरी गाइड
सही Yoga Mat चुनने के लिए उसकी मोटाई, मटेरियल और ग्रिप पर खास ध्यान देना जरूरी है। अच्छी क्वालिटी की मैट न केवल आराम देती है, बल्कि एक्सरसाइज के दौरान फिसलन और चोट से भी बचाती है।
सही मोटाई (Thickness) क्यों है जरूरी?

Yoga Mat की मोटाई आपके कम्फर्ट और बैलेंस दोनों को प्रभावित करती है।
- 4–6mm मैट सामान्य योग के लिए सही मानी जाती है।
- ज्यादा पतली मैट घुटनों और कोहनी में दर्द दे सकती है।
- बहुत मोटी मैट बैलेंस बिगाड़ सकती है।
इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार मोटाई चुनना जरूरी है।
मैट का मटेरियल समझें
Yoga Mat अलग-अलग मटेरियल जैसे PVC, TPE, रबर या कॉर्क में आती है।
- TPE और नेचुरल रबर ज्यादा इको-फ्रेंडली होते हैं।
- सस्ती PVC मैट जल्दी घिस सकती है।
लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए क्वालिटी मटेरियल चुनें।
ग्रिप और एंटी-स्लिप फीचर
अगर मैट फिसलती है, तो एक्सरसाइज के दौरान चोट लग सकती है। अच्छी ग्रिप वाली मैट पसीने के बाद भी स्थिर रहती है। खासतौर पर पावर योग या हॉट योग के लिए मजबूत ग्रिप जरूरी है।
मैट का साइज और लंबाई
आपकी हाइट के अनुसार मैट की लंबाई होनी चाहिए। सामान्य मैट लगभग 68 इंच लंबी होती है, लेकिन लंबे लोगों के लिए एक्स्ट्रा-लॉन्ग मैट बेहतर रहती है।
पोर्टेबिलिटी और वजन
अगर आप मैट को जिम या पार्क ले जाते हैं, तो हल्की और आसानी से फोल्ड होने वाली मैट चुनें। भारी मैट रोजाना कैरी करना मुश्किल हो सकता है।
सफाई और मेंटेनेंस
Yoga Mat को नियमित साफ करना जरूरी है, वरना बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं।
वॉशेबल और वाटर-रेसिस्टेंट मैट ज्यादा सुविधाजनक होती हैं।
कीमत बनाम क्वालिटी
सिर्फ सस्ती मैट देखकर खरीदना सही नहीं है। थोड़ा ज्यादा निवेश करके अच्छी
क्वालिटी की मैट लें, जो लंबे समय तक चले और बेहतर सपोर्ट दे।






