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आज का पंचांग 13 दिसंबर 2025 शनिवार का शुभ मुहूर्त और राहुकाल समय

On: December 13, 2025 5:19 AM
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आज का पंचांग 13 दिसंबर 2025

आज का पंचांग 13 दिसंबर 2025 आज का पंचांग शनिवार का शुभ मुहूर्त, अभिजीत काल, राहुकाल (9:40-10:58 AM), हस्त नक्षत्र और पूजा समय। पौष कृष्ण नवमी, सूर्योदय 7:05 AM। शनिदेव-हनुमान उपासना के लिए परफेक्ट

आज का पंचांग 13 दिसंबर 2025 शुभ मुहूर्त अभिजीत और अमृत काल

13 दिसंबर 2025 शनिवार का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 से दोपहर 12:36 तक सबसे शुभ रहेगा। अमृत काल रात 1:41 से ब्रह्म मुहूर्त 3:27 तक (14 दिसंबर) विवाह-ग्रह शांति के लिए उत्तम।

13 दिसंबर 2025 शनिवार का पूरा पंचांग

आज का पंचांग 13 दिसंबर 2025
#आज का पंचांग 13 दिसंबर 2025

13 दिसंबर 2025 को पौष कृष्ण नवमी तिथि शाम 4:40 तक रही, उसके बाद दशमी शुरू हुई। हस्त नक्षत्र पूरे दिन प्रभावी रहा, जो स्थिर कार्यों के लिए शुभ है, जबकि आयुष्मान योग सुबह 11:16 तक चला। सूर्योदय सुबह 7:05 बजे और सूर्यास्त शाम 5:25 बजे हुआ, चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहा था ।​ इस दिन शनि पूजा विशेष महत्वपूर्ण रही क्योंकि शनिवार था, विड़ाल योग के कारण धैर्य बनाए रखना जरूरी था। दिशा शूल पूर्व दिशा की ओर था, इसलिए यात्रा पूर्व से टालें। पौष मास में यह दिन स्वास्थ्य और स्थिरता पर जोर देता है ।

आज के शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 से दोपहर 12:36 तक सबसे उत्तम रहा, जिसमें विवाह, गृह प्रवेश या मुहूर्त कार्य शुरू किए जा सकते थे। अमृत काल रात 1:41 से 3:27 तक (अगले दिन) उपलब्ध था, जो आध्यात्मिक साधना के लिए आदर्श। चौघड़िया में शुभ समय सुबह 8:23-9:40 और शाम 5:26-7:08 तक लाभामृत माना गया ।​ ये मुहूर्त हस्त नक्षत्र के प्रभाव से मजबूत थे, जो व्यापार या संपत्ति संबंधी निर्णयों में सहायक सिद्ध होते। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसे समय में किए कार्य लंबे समय तक फलदायी रहते हैं ।

राहुकाल और अशुभ समय से सावधानियां

राहुकाल सुबह 9:40 से 10:58 तक रहा, इस दौरान कोई नया कार्य शुरू न करें वरना बाधाएं आ सकती हैं। गुलिक काल सुबह 7:05-8:23, यमगंड दोपहर 1:33-2:51 और कालवेला 1:17-1:58 तक अशुभ थे। दुर्मुहूर्त सुबह 7:05-7:46 और 7:46-8:27 तक भी नकारात्मक प्रभाव वाला समय था ।​ इन कालों में शनि मंत्र जाप या दान-पुण्य करें, इससे नकारात्मक प्रभाव कम होता है। शनिवार पर राहुकाल का विशेष ध्यान रखें क्योंकि शनि का प्रभाव प्रबल रहता है ।

शनि देव पूजा के शुभ उपाय

शनिवार होने से शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जाप करें। इमरती या उड़द की दाल भोजन में लें, यह शनि दोष कम करता है। विड़ाल योग में क्रोध से बचें और काले कुत्ते को रोटी खिलाएं ।
पौष नवमी पर शनि स्तोत्र पाठ फायदेमंद रहा, जो करियर और स्वास्थ्य में स्थिरता लाता है। ये उपाय ज्योतिषीय ग्रंथों में वर्णित हैं और लाखों भक्त इन्हें अपनाते हैं ।

नक्षत्र योग और तिथि का प्रभाव

हस्त नक्षत्र पूर्ण रात्रि तक रहा, जो कुशलता और रचनात्मक कार्यों के लिए शुभ है।

गर करण शाम 4:40 तक और वणिज उसके बाद सक्रिय था, व्यापार के लिए

अच्छा। आयुष्मान योग स्वास्थ्य लाभ देता है ।​ कृष्ण पक्ष नवमी दुर्गा पूजा​

सूर्योदय सूर्यास्त और चंद्र गोचर

सूर्योदय 7:04 बजे, सूर्यास्त 17:25 बजे, चंद्रोदय रात

1:57 और चन्द्रास्त दोपहर 1:06 बजे। चंद्रमा कन्या राशि में रहा, जो

विश्लेषणात्मक सोच बढ़ाता है। हेमंत ऋतु का प्रभाव मौसम को शीतल रखा ।​ ​

दैनिक चौघड़िया और ताराबल

चौघड़िया में लाभामृत शाम को शुभ, जबकि उदveg प्रातःकालिक।

ताराबल अश्विनी से उत्तराभाद्रपद तक कई नक्षत्रों को लाभकारी माना गया।

चन्द्रबल मेष, कर्क आदि राशियों के लिए मजबूत था ।​​

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