उत्तर प्रदेश वाहन फिटनेस ने वाहन फिटनेस नियम बदले अब केवल ATS पर अनिवार्य, मैनुअल जांच बंद। नई गाइडलाइंस, फीस, चालान और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।
उत्तर प्रदेश वाहन फिटनेस मैनुअल जांच बंद, ATS अनिवार्य
#उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने 1 जनवरी 2026 से वाहन फिटनेस के लिए मैनुअल जांच पूरी तरह बंद कर दी है। अब सभी व्यावसायिक वाहनों के लिए केवल स्वचालित परीक्षण केंद्रों (ATS) पर फिटनेस अनिवार्य है।
नई फिटनेस नीति का परिचय

उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से वाहनों की फिटनेस जांच के नियम पूरी तरह बदल गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर परिवहन विभाग ने मैनुअल जांच बंद कर केवल स्वचालित परीक्षण केंद्रों (ATS) पर फिटनेस अनिवार्य कर दिया है। यह बदलाव 23 लाख से अधिक व्यावसायिक वाहनों के लिए लागू है, जो सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाएगा।
मैनुअल जांच क्यों बंद हुई
पहले ज्यादातर जिलों में मैनुअल फिटनेस हो रही थी, लेकिन अब केवल ATS पर ही संभव है। यह कदम केंद्र सरकार के 14 नवंबर 2024 और 1 अप्रैल 2025 के पत्रों पर आधारित है। सोमवार से全省 में इसका पालन शुरू हो गया, जिससे पुरानी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो गई।
ATS केंद्रों की स्थिति
प्रदेश में वर्तमान में 14 ATS कार्यरत हैं, जिनमें लखनऊ (AKRS ATS), आगरा, कानपुर नगर, मिर्जापुर आदि शामिल हैं। अन्य जिलों जैसे फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद आदि में भी सुविधा उपलब्ध है। हर जिले में अधिकतम 3 ATS की योजना है, लेकिन कई जिलों में अभी कमी है।
फिटनेस आवेदन कैसे करें
वाहन स्वामी को नजदीकी ATS आवंटित किया जाता है, जो 100 किमी क्षेत्र को कवर करता है। वाहन 4.0 पोर्टल पर एनीव्हेयर फिटनेस व्यवस्था से कहीं भी करा सकते हैं। लखनऊ के वाहन रायबरेली, उन्नाव आदि के लिए बख्शी का तालाब ATS जा सकते हैं।
चालान और दंड व्यवस्था
फिटनेस न कराने पर पहली बार 5,000 रुपये और दूसरी
बार 10,000 रुपये का चालान कटेगा। नए व्यावसायिक वाहनों के लिए
पंजीकरण के बाद 8 वर्ष तक हर 2 साल पर, उसके बाद每年 फिटनेस जरूरी है।
बिना फिटनेस वाहन सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ाते हैं।
नई फीस संरचना
केंद्र सरकार ने फिटनेस टेस्ट फीस बढ़ाई है, जो वाहन
की उम्र पर आधारित है। 10-15 वर्ष पुराने वाहनों के लिए नई
स्लैब, पहले 15 वर्ष के बाद लागू होती थी। यह पुराने
वाहनों को स्क्रैप करने को प्रोत्साहित करेगी।
ड्राइवरों के लिए उपयोगी टिप्स
ATS स्लॉट पहले बुक करें, क्योंकि लखनऊ जैसे क्षेत्रों में सीमित हैं
(60 स्लॉट प्रतिदिन)। जियो-टैग्ड वीडियो सबूत अनिवार्य हो सकता है।
नियमित PUC और इंश्योरेंस रखें, वाहन को अच्छी हालत में ले जाएं।











