कूलेंट का फ्रीजिंग पॉइंट जानें सर्दियों में इंजन को ओवरहीटिंग और दरार से बचाने के लिए क्यों जरूरी? EV बैटरी सुरक्षा, पुरानी गाड़ियों के टिप्स और ड्राइविंग सलाह। (142 अक्षर)
कूलेंट का फ्रीजिंग पॉइंट सर्दियों में जमने का खतरा
#कूलेंट का फ्रीजिंग पॉइंट वह तापमान है जहां यह जमना शुरू होता है, सर्दियों में कम तापमान से इंजन पार्ट्स को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। गलत मिश्रण से कूलेंट जल्दी जम सकता है, जिससे सर्कुलेशन रुक जाता है और इंजन ब्लॉक में दरारें पड़ सकती हैं। कूलेंट का फ्रीजिंग पॉइंट वह न्यूनतम तापमान है जहां इंजन कूलेंट जमना शुरू हो जाता है। सामान्यतः 50:50 पानी और एंटीफ्रीज मिश्रण -35°C तक तरल अवस्था में रहता है, लेकिन सर्दियों में तापमान शून्य से नीचे गिरने पर खतरा बढ़ जाता है। शुद्ध पानी तो 0°C पर ही जम जाता है, इसलिए कूलेंट में एंटीफ्रीज का सही अनुपात जरूरी होता है।
कूलेंट फ्रीजिंग पॉइंट बेसिक्स

कूलेंट इंजन को सर्दियों में जमने से बचाता है। फ्रीजिंग पॉइंट -35°C तक होता है। गलत मिश्रण से खतरा बढ़ता है। EV में बैटरी सुरक्षा जरूरी। नियमित चेकअप बचाव का तरीका।
सर्दी में कूलेंट नुकसान
ठंड से कूलेंट जमकर इंजन ब्लॉक फट सकता है। सर्कुलेशन रुकने से स्टार्टिंग समस्या। रेडिएटर होसेस डैमेज। महंगे रिपेयर खर्च। समय पर जांच जरूरी। फॉग लाइट टिप्स भी।
EV कूलेंट गाइड
इलेक्ट्रिक कारों में बैटरी थर्मल मैनेजमेंट। ओवरहीटिंग से रेंज कम। सही कूलेंट से लाइफ बढ़ती है। गर्मी-ठंड दोनों सुरक्षा। चार्जिंग बेहतर। रखरखाव शेड्यूल फॉलो।
पुरानी गाड़ी कूलेंट टिप्स
समय से क्वालिटी घटती है। मासिक लेवल चेक। टेस्टर इस्तेमाल। फ्लशिंग हर 2 साल। लीकेज तलाशें। मैन्युफैक्चरर कूलेंट चुनें। सर्दी पूर्व सर्विस।
कूलेंट मिश्रण फॉर्मूला
50:50 पानी-एंटीफ्रीज बेस्ट। शुद्ध पानी न डालें।
रंग बदलने पर चेंज। हाई क्वालिटी ब्रांड। पार्किंग गैरेज में रखें।
वार्म-अप चेक। प्रो सर्विसिंग।
विंटर ड्राइविंग सुरक्षा
फॉग लाइट ऑन। दूरी बनाएं। स्पीड कंट्रोल।
इमरजेंसी किट। टायर प्रेशर। हीटर कम यूज।
वेदर अलर्ट फॉलो। कूलेंट चेक अनिवार्य।
कूलेंट रखरखाव चेकलिस्ट
लेवल चेक हर महीना। फ्रीजिंग टेस्ट। रंग/गंध जांच।
लीक सर्च। फ्लश हर 2 साल। स्पेसिफिक ग्रेड।
सर्विस रिकॉर्ड रखें। सर्दी टिप्स अपनाएं।











