राहुल गांधी की बर्लिन यात्रा संसद चल रहे शीतकालीन सत्र के बीच यात्रा पर भाजपा ने हमला किया, जबकि प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं का जवाब देकर विवाद को और बढ़ाया।
राहुल गांधी की बर्लिन यात्रा पर भाजपा-प्रियंका गांधी के बीच जारी राजनीतिक विवाद
#संसद सत्र के बीच राहुल गांधी की बर्लिन यात्रा पर भाजपा ने तंज कसा, जबकि प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का जवाब देकर पलटवार किया। यह विवाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक तनाव को बढ़ा रहा है।
संसद सत्र के बीच राहुल गांधी की बर्लिन यात्रा

राहुल गांधी संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान जर्मनी के बर्लिन में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे हैं। यह यात्रा 15 से 20 दिसंबर के बीच की है, जबकि संसद सत्र 19 दिसंबर को समाप्त होगा।
भाजपा का तीखा हमला
राहुल गांधी को ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ और ‘लीडर ऑफ पार्टीइंग’ कहकर निशाना बनाया। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक कर्तव्यों की जगह विदेश यात्राओं और छुट्टियों को तरजीह देते हैं।
भाजपा के आरोपों की गंभीरता
केंद्र सरकार के मंत्रियों ने भी राहुल गांधी की चुनावी और संसद सत्र के दौरान विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि वह कार्यकाल में गैर-गंभीर नेता हैं, जो काम के बजाय यात्रा पसंद करते हैं।
प्रियंका गांधी का विरोधी बयान
प्रियंका गांधी ने भाजपा के आरोपों को पलटवार में खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी देश के बाहर अत्यधिक समय बिताते हैं, तो राहुल गांधी के विदेश दौरे पर सवाल उठाना न्यायसंगत नहीं है।
राजनीतिक राजनीति और विपक्ष का रुख
यह विवाद संसद में विपक्ष और सत्ताधारी दल
के बीच तनाव को दर्शाता है। दोनों पक्ष एक-दूसरे
पर राजनीतिक खेल जारी रखे हुए हैं, जो आम जनता के लिए
चिंता का विषय भी बनता जा रहा है।
राहुल गांधी की विदेश यात्रा के उद्देश्य
राहुल गांधी की यात्रा का उद्देश्य विदेशी भारतीय
समुदाय के साथ संपर्क बढ़ाना और पार्टी के लिए समर्थन
जुटाना बताया गया है। यह यात्रा राजनीतिक और
सामाजिक समर्पण का हिस्सा भी है।
आगे की राजनीति पर प्रभाव
इस विवाद ने आगामी चुनावी राजनीति में विपक्ष
और सरकार के बीच लड़ाई को और तीखा कर दिया है।
दोनों पक्ष अपनी छवि बनाये रखने के लिए हर
माध्यम से लड़ाई जारी रखेंगे।











