ट्रंप का दबाव गाजा में सैनिक भेजें पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर ट्रंप का दबाव बढ़ा! गाजा में सैनिक भेजने का प्लान या अमेरिका की नाराजगी? जानिए मुनीर की दुविधा, ट्रंप का 20-पॉइंट गाजा प्लान और पाकिस्तान की मुश्किलें। रॉयटर्स रिपोर्ट के साथ एक्सक्लूसिव अपडेट।
ट्रंप का दबाव गाजा मुनीर की दुविधा ट्रंप का दबाव या घरेलू विरोध
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ट्रंप के दबाव में फंसे हैं। गाजा में सैनिक भेजें तो घरेलू विरोध, न भेजें तो अमेरिका नाराज।
आसिम मुनीर की दोहरी मुश्किल कुआं-खाई का फंसाव

पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस समय सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। एक तरफ अमेरिका गाजा में पाकिस्तानी सैनिक भेजने का दबाव डाल रहा है, दूसरी तरफ घरेलू विरोध का डर। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला इस्लामाबाद में उनकी पकड़ को हिला सकता है। ट्रंप के साथ बने रिश्ते को बचाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ट्रंप से मिलने अमेरिका रवाना हो सकते हैं मुनीर
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मुनीर आने वाले हफ्तों में वॉशिंगटन जा सकते हैं। यह ट्रंप के साथ उनकी तीसरी मुलाकात होगी। एक सूत्र ने बताया कि चर्चा का फोकस गाजा फोर्स पर रहेगा। जून में व्हाइट हाउस में ट्रंप ने उन्हें अकेले लंच पर बुलाया था – अब नाराजगी का जोखिम नहीं ले सकते।
ट्रंप का 20-पॉइंट गाजा प्लान क्या है खास
ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 20-पॉइंट प्लान पेश किया है। इसमें मुस्लिम देशों की सेनाओं से इजरायली फौज हटने के बाद ट्रांजिशन पीरियड की निगरानी करने को कहा गया। दो साल से ज्यादा चले हमास-इजरायल युद्ध ने गाजा को तबाह कर दिया। पाकिस्तान जैसे देशों को इसमें अहम भूमिका दी गई है।
गाजा मिशन क्यों है पाकिस्तान के लिए रिस्की?
हमास को गैर-सैनिक बनाने का मिशन कई देशों के लिए खतरा है। विदेशी सैनिक संघर्ष में फंस सकते हैं। पाकिस्तान में फिलिस्तीन समर्थक और इजरायल विरोधी जनता भड़क सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इससे आंतरिक अस्थिरता बढ़ेगी। मुनीर के लिए यह विदेश नीति की सबसे बड़ी परीक्षा है।
मुनीर-ट्रंप रिश्ते अविश्वास से दोस्ती तक
मुनीर ने सालों के अविश्वास को खत्म करने के लिए ट्रंप के साथ करीबी बनाई। जून का व्हाइट हाउस लंच ऐतिहासिक था – बिना सिविलियन अधिकारियों के पहली बार किसी पाक आर्मी चीफ को सम्मान। अब गाजा प्लान पर ट्रंप की उम्मीदें बढ़ी हैं। नाराजगी से आर्थिक रिश्ते खतरे में पड़ सकते हैं।
पाकिस्तान में संभावित विरोध राजनीतिक तूफान
गाजा में सैनिक भेजने से पाकिस्तान की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।
फिलिस्तीन समर्थक पार्टियां और जनता इजरायल के खिलाफ हैं।
मुनीर की बढ़ती पावर पर सवाल उठेंगे। क्या यह फैसला
इस्लामाबाद की सियासत बदल देगा? विशेषज्ञों की राय में हां।
आगे क्या मुनीर के पास विकल्प सीमित
मुनीर के पास ना मानने का जोखिम और मानने पर घरेलू बगावत
– दोनों विकल्प घातक। ट्रंप की मीटिंग फैसला तय करेगी।
क्या पाकिस्तान गाजा मिशन में कूदेगा? दुनिया देख रही है।
अपडेट्स के लिए बने रहें।











