ICICI बैंक लोन फ्रॉड ₹40 लाख लोन लेकर गिरवी मकान बेटे को ट्रांसफर! यमुनानगर दंपती पर केस, पूरी घटना और कानूनी कार्रवाई की डिटेल्स।
ICICI बैंक लोन फ्रॉड मकान ट्रांसफर कैसे हुआ
यमुनानगर के दंपती ने ICICI बैंक से ₹40 लाख होम लोन लिया और गिरवी मकान की रजिस्ट्री बेटे के नाम चुपके से करा दी। बैंक को EMI मिस होने पर पता चला कि प्रॉपर्टी ट्रांसफर हो चुकी है।
फ्रॉड की पूरी कहानी

यमुनानगर के एक दंपती ने ICICI बैंक से ₹40 लाख का होम लोन लिया। लोन स्वीकृत होने के बाद उन्होंने उसी मकान को, जो गिरवी रखा था, अपने बेटे के नाम ट्रांसफर कर दिया। बैंक को भनक तक न लगी।
मकान ट्रांसफर कैसे हुआ
दंपती ने रजिस्ट्री करा ली और बैंक को कोई जानकारी नहीं दी। लोन चुकाने का बहाना बनाकर समय बिताया। बेटे के नाम होने से मकान बैंक के कब्जे से बाहर हो गया।
बैंक की शिकायत
ICICI बैंक को जब EMI मिस हुई तो उन्होंने जांच की। मकान ट्रांसफर का पता चला तो तुरंत यमुनानगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। धारा 420, 467 के तहत FIR हुई।
पुलिस जांच शुरू
पुलिस ने दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मकान की रजिस्ट्री दस्तावेज जब्त किए। बेटे की भी संलिप्तता जांच रही। लोन राशि वसूलने के लिए बैंक सहयोग कर रहा।
यमुनानगर में बढ़ते फ्रॉड
हरियाणा में होम लोन फ्रॉड बढ़ रहे। गिरवी
प्रॉपर्टी ट्रांसफर सबसे आम तरीका।
बैंक अब सिक्योरिटी चेक सख्त कर रहे।
खरीदार सावधान रहें।
कानूनी सजा क्या होगी
IPC 420 (धोखाधड़ी) में 7 साल तक कीमती सजा।
467 (जालसाजी) में भी लंबी सजा। बैंक लोन रिकवर करेगा तो
मकान अटैचमेंट संभव। कोर्ट में लंबा केस चलेगा।
बचाव के उपाय
बैंक को नियमित KYC चेक करें। प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर तुरंत
अलर्ट सिस्टम लगाएं। लोन देने से पहले लीगल वेरिफिकेशन जरूरी।
ग्राहक क्रेडिट हिस्ट्री चेक करें।











