चंदौली सीएम की मौजूदगी आदित्यनाथ की सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने उत्तर प्रदेश के 6 न्यायालय परिसरों का शिलान्यास किया। न्यायिक पहुंच मजबूत करने की बड़ी पहल, विस्तार से जानें।
चंदौली सीएम की मौजूदगी सीएम और सीजेआई की संयुक्त उपस्थिति का महत्व
#चंदौली में सीएम योगी आदित्यनाथ और सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की संयुक्त उपस्थिति केंद्र-राज्य समन्वय का प्रतीक बनी। इससे न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, गरीबों तक न्याय पहुंचेगा।
चंदौली में ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने उत्तर प्रदेश के 6 नए न्यायालय परिसरों का शिलान्यास किया। यह समारोह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में संपन्न हुआ, जो राज्य में न्यायिक सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
सीएम और सीजेआई की संयुक्त उपस्थिति का महत्व
चंदौली शिलान्यास सीएम योगी आदित्यनाथ और सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की संयुक्त उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का बना दिया। यह केंद्र-राज्य समन्वय का प्रतीक है, जहां न्यायपालिका और कार्यपालिका एक साथ न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही हैं।
किन 6 न्यायालय परिसरों का उद्घाटन
चंदौली में हुए शिलान्यास में उत्तर प्रदेश के 6 महत्वपूर्ण न्यायालय परिसर शामिल हैं। इनमें चंदौली जिला न्यायालय, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, जौनपुर और आजमगढ़ के न्यायिक परिसर प्रमुख हैं। प्रत्येक परिसर में 20-30 कोर्ट रूम बनाए जाएंगे।
न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
नया दौर: ये 6 नए न्यायालय परिसर उत्तर प्रदेश की न्याय व्यवस्था को नया आयाम देंगे। वर्तमान में कोर्ट पर दबाव अधिक है, लेकिन ये परिसर केसों की तेज निपटान सुनिश्चित करेंगे। आधुनिक सुविधाएं जैसे ई-कोर्ट और वीडियो लिंकिंग से मुकदमे कम होंगे।
पीएम मोदी के न्याय के 3 आयामों से जुड़ी पहल
तीन आयाम यह शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी के ‘न्याय के
तीन आयाम’ – न्याय, न्यायालय और न्यायाधीश – से जुड़ा है।
सीएम योगी ने कहा कि गरीब, किसान और महिलाओं तक
न्याय पहुंचाना लक्ष्य है। चंदौली कार्यक्रम इसी दिशा में कदम है।
भविष्य की योजनाएं और प्रभाव
आगे की राह: शिलान्यास के बाद उत्तर प्रदेश में 50
और न्यायालय परिसर बनने हैं। इनसे लाखों केस पेंडिंग
कम होंगे और न्याय प्रक्रिया तेज होगी। पूर्वांचल में अपराध
नियंत्रण को बढ़ावा मिलेगा।
जनता के लिए बड़ा लाभ
आम जनता के लिए ये न्यायालय वरदान साबित होंगे।
दूरस्थ इलाकों में अब कोर्ट जाने की जरूरत कम होगी।
डिजिटल सुविधाओं से मुकदमे ऑनलाइन होंगे, समय
और पैसे की बचत होगी।इससे न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर
मजबूत होगा, गरीबों तक न्याय पहुंचेगा।











