Meta को फेसबुक और Instagram पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी और धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों के जरिए भारी मुनाफा। कंपनी की एल्गोरिथम रणनीति से स्कैम रोकने के बजाय कमाई पर फोकस।
Meta को फेसबुक और Instagram फर्जी विज्ञापनों से Meta की करोड़ों की कमाई पर बढ़ता विवाद
#Meta को फेसबुक और Instagram पर फर्जी विज्ञापनों से करोड़ों का मुनाफा हो रहा है, जबकि कंपनी इन धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों को रोकने के बजाय उनसे ज्यादा कमाई कर रही है। इस विवाद में Meta की आलोचना बढ़ रही है क्योंकि यह एल्गोरिदम तब तक फर्जी विज्ञापन नहीं रोकता जब तक 95% यकीन न हो।
Meta और उसके प्लेटफॉर्म

Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने 2024 में फर्जी और भ्रामक विज्ञापनों से करीब 16 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया है। ये विज्ञापन सामाजिक इंजीनियरिंग स्कैम, गैरकानूनी जुआ, फर्जी निवेश स्कीम और प्रतिबंधित उत्पादों से जुड़े थे।
एल्गोरिथम की भूमिका
Meta का एल्गोरिथम तब तक किसी विज्ञापन को ब्लॉक नहीं करता जब तक उसे 95% यकीन न हो कि विज्ञापन फेक है। इसके कारण कई फर्जी विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर चलते रहते हैं और इससे Meta को अधिक शुल्क वसूलने का मौका मिलता है।
तीन साल का सिलसिला
सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापनों की यह समस्या तीन
साल से जारी है, जिसका Meta पर लगातार मुनाफा बढ़ रहा है।
Meta का खंडन
मेटा ने अपनी ओर से कहा है कि उन्होंने फर्जी
विज्ञापनों को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं,
और पिछले 18 महीनों में 58% तक रिपोर्ट्स में कमी आई है।
फर्जी विज्ञापनों के प्रकार
इनमें ऑनलाइन बेटिंग, फर्जी निवेश, क्रिप्टो
घोटाले, प्रतिबंधित दवाएं, और नकली ब्रांड प्रोडक्ट
के विज्ञापन शामिल हैं, जो यूजर्स को धोखा देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
सुरक्षा और निगरानी
Meta ने एड रिव्यू सिस्टम और पारदर्शिता टूल्स
को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया है,
जिससे प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।
आगे की चुनौतियां
फर्जी विज्ञापनों से होने वाले नुकसान को रोकना
अभी भी एक बड़ी चुनौती है, और इसके लिए
तकनीकी सुधारों के साथ कड़े नियमों की आवश्यकता है।








