मोदी भाषण विवाद शशि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी के भाषण पर न्यूट्रल पोस्ट को तारीफ बताने पर सफाई दी। दुबई इवेंट में वैचारिक शुद्धता पर निशाना साधा, जानिए पूरा विवाद।
मोदी भाषण विवाद शशि का स्पष्टीकरण मोदी भाषण पर वर्णन था, तारीफ नहीं
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी के भाषण पर की गई उनकी टिप्पणी प्रशंसा नहीं, बल्कि एक तटस्थ वर्णन थी। उन्होंने कहा, “मैंने तारीफ का एक शब्द भी नहीं कहा, बस भाषण के आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं का वर्णन किया था।” हालांकि इसे प्रधानमंत्री की तारीफ माना गया, जो आज के राजनीतिक वातावरण का प्रतिबिंब है जहां तटस्थ टिप्पणियों को भी संदेह की नजर से देखा जाता है।
मोदी भाषण पर थरूर की मूल पोस्ट

शशि थरूर ने रामनाथ गोयनका लेक्चर में पीएम मोदी के भाषण को आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक आह्वान बताया, जिसे कांग्रेस ने तारीफ माना।
कांग्रेस में बवाल और आलोचना
कांग्रेस नेताओं ने थरूर की पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी, सुप्रिया श्रीनेत ने इसे बकवास कहा और पार्टी लाइन से अलग बताया।
दुबई इवेंट में थरूर का स्पष्टीकरण
दुबई मीडिया कार्यक्रम में थरूर बोले कि उन्होंने प्रशंसा का शब्द नहीं कहा, सिर्फ वर्णन किया, फिर भी इसे तारीफ बना दिया गया।
वैचारिक शुद्धता पर थरूर का तंज
थरूर ने कहा कि राजनीति में हर कोई वैचारिक
शुद्धतावादी बनना चाहता है, लेकिन दूसरे पक्ष की
योग्यता नहीं देखता, इससे कुछ हासिल नहीं होता।
केंद्र-राज्य सहयोग की जरूरत
थरूर ने तर्क दिया कि चुनाव जीतने के बाद केंद्र
से सहयोग जरूरी है, वरना राज्य कुछ नहीं कर पाएगा,
जैसे केरल की हालिया स्कीम रिजेक्ट हुई।
राजनीतिक ध्रुवीकरण का जिक्र
थरूर ने राजनीति के ध्रुवीकृत होने पर दुख जताया,
जहां तटस्थ टिप्पणी भी संदेहास्पद लगती है
भविष्य की संभावनाएं और चर्चा
यह विवाद थरूर और कांग्रेस के बीच पुरानी
दरार को उजागर करता है, बीजेपी ने इसे कांग्रेस की
आंतरिक कलह बताया।











