भूटान दौरे पर पहुंचे PM Modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भूटान दौरे और कालचक्र सेरेमनी में भागीदारी से भारत-भूटान के रिश्तों में नई मजबूती आई, आर्थिक, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग पर बल दिया गया।
भूटान दौरे पर पहुंचे PM Modi सहयोग की दिशा में ऐतिहासिक पहल, कालचक्र सेरेमनी बनी प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान दौरे में भव्य कालचक्र सेरेमनी में हिस्सा लेते हुए सहयोग की दिशा में ऐतिहासिक पहल की। इस यात्रा से भारत-भूटान संबंधों में सांस्कृतिक और ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2025 में भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा की, जो भारत-भूटान संबंधों के इतिहास में एक अहम पड़ाव साबित हुई। इस दौरे के दौरान मोदी ने भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन पर आयोजित कालचक्र सेरेमनी में हिस्सा लिया, जो बौद्ध धर्म की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है। इस समारोह में भागीदारी ने दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को नई मजबूती दी।
पीएम मोदी का भूटान दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2025 में भूटान का ऐतिहासिक दौरा किया, जिसमें दोनों देशों के संबंध और गहरे हुए।
कालचक्र सेरेमनी में भागीदारी
थिम्पू में आयोजित भव्य कालचक्र सेरेमनी में पीएम मोदी ने भाग लिया, जिसमें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों की झलक दिखाई दी।
रणनीतिक साझेदारी
इस यात्रा के दौरान ऊर्जा, स्वास्थ्य, संस्कृति और
अवसंरचना क्षेत्रों में नई पहल और सहयोग के
समझौते हुए, जिससे दोनों देशों को लाभ मिलेगा।
ऊर्जा सहयोग
भारत और भूटान के बीच जलविद्युत परियोजनाओं
को लेकर अभूतपूर्व सहयोग स्थापित हुआ, जिससे
दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा और
सीमा प्रबंधन और आर्थिक समर्थन
भारतीय सरकार ने भूटान को आर्थिक प्रोत्साहन
और सीमा प्रबंधन के लिए सहायता देने का
ऐलान किया, जिससे द्विपक्षीय संपर्क बढ़ा।
सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध
इस दौरे ने दोनों देशों के सांस्कृतिक और धार्मिक
संबंधों को और गहरा किया है, जिससे मित्रता
भारत-भूटान संबंधों का भविष्य
पीएम मोदी की यात्रा से स्पष्ट है कि भारत और
भूटान आने वाले समय में भी विकास और स्थिरता
के साझेदार रहेंगे, नई योजनाओं और परियोजनाओं
की संभावनाएं खुलेंगी।











