बंकिम दा नहीं बोल सकते लोकसभा में वंदे मातरम चर्चा के दौरान TMC सांसद ने PM मोदी को रोका, ‘बंकिम दा नहीं बोल सकते’ कह हंगामा मचा। राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ पर सियासी घमासान, पढ़ें पूरी घटना।
बंकिम दा नहीं बोल सकते चुनाव का राजनीतिक कनेक्शन
लोकसभा में TMC सांसद का ‘बंकिम दा नहीं बोल सकते’ नारा बंगाल 2026 चुनाव से जुड़ा है, जहां BJP वंदे मातरम को राष्ट्रवाद का हथियार बना रही है।
घटना का पूरा विवरण

PM मोदी ने दोपहर 12 बजे चर्चा शुरू की, लेकिन TMC सांसदों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने बंकिम दा का नाम लेते हुए विरोध जताया, जिससे सदन में तनाव बढ़ गया। यह 10 घंटे की बहस का हिस्सा था, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समापन करेंगे।
TMC सांसदों की भूमिका
TMC ने वंदे मातरम को बंगाल का गौरव बताया, लेकिन राज्यसभा प्रोटोकॉल पर विवाद किया। सांसदों ने PM को रोककर राजनीतिक बयानबाजी की, जो बंकिम चंद्र के सम्मान से जुड़ा था। ममता बनर्जी की पार्टी ने इसे समर्थन दिया, लेकिन हंगामा बढ़ा।
PM मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री ने गीत के ऐतिहासिक महत्व पर बोला, कहा अंग्रेजों ने इसे प्रतिबंधित किया था। उन्होंने सरोजनी बोष जैसी वीरांगनाओं का जिक्र किया। नेहरू काल में गीत से छंद हटाने का आरोप भी लगाया।
वंदे मातरम का इतिहास
बंकिम चंद्र ने 1875 में आनंदमठ उपन्यास में इसे लिखा, बंगदर्शन पत्रिका में पहली बार छपा। स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरणा स्रोत बना। 150 वर्ष पूरे होने पर संसद में विशेष चर्चा हुई।
बंगाल चुनाव का कनेक्शन
BJP इसे राष्ट्रवाद का मुद्दा बना रही, TMC पर बंकिम
वंशजों की उपेक्षा का आरोप। 2026 बंगाल चुनाव
से प्रेरित, ममता के लिए दुविधा बनी। BJP ने चैलेंज दिया
कि गीत गाएं तो राष्ट्रवाद, न गाएं तो विरोध।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने प्रियंका गांधी और गौरव गोगोई को वक्ता बनाया।
सपा नेता ने कहा बाध्य नहीं कर सकते।
BJP ने नेहरू पर गंभीर आरोप लगाए।
हंगामा SIR मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास माना गया।
आगे की संभावनाएं
चर्चा बंगाल राजनीति को प्रभावित करेगी
, BJP मजबूत राष्ट्रवाद का संदेश देगी।
TMC को बंकिम सम्मान पर सफाई देनी पड़ेगी।
संसद में और बहसें संभव, शीत सत्र हाईलाइट बनी











